शनिवार, 31 दिसंबर 2011

नूतन वर्ष की हार्दिक सुभकामनायें !


ये जो बरस बीत गया, जाने कितनी खुशियाँ दे गया ! कुछ लोगों ने ज़िन्दगी का हर पल महकाया, मेरी खुशियों की वज़हा बने ! मेरी सपनों को नयी उडान दी ! आप मित्रों के दुवाओं का असर है कि प्रगतिपथ में निरंतर अग्रसर हूँ ! 

मित्रों !!
ज़िन्दगी का कोई भी पल, कोई भी अवसर, कोई भी ख़ुशी तुम्हें याद किये बिना अधूरा सा लगता है ! 

"नयी सौगातें, नयी-नयी बातें !
नए दोस्त, नए सपने,
हर इक पल, हर इक रोज़
खुशियों के रंगों से
घर-आँगन महके !"
नूतन वर्ष का हर इक पल, आपकी ज़िन्दगी में खुशियों की बहार लाये, 

नूतन वर्ष कि आपको सहपरिवार हार्दिक सुभकामनायें !
मनीष मेहता व परिवार 

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