सोमवार, 13 जून 2011

ख़्वाबों में सताना तो छोड़ दो अब...!!

(चित्र- गूगल से )
रात का वो गुमनाम अँधेरा...आँखों में एक चमक सी जागी...सामने तुम्हारा ख्याल था!! रोशनी से नहाया था बदन तुम्हारा ..फिर तुमसे गुप्तगू होने लगी...आँखों आँखों में...कितनी बेचेनी थी इन आखोँ में जैसे सदियो से कोई ख्वाब सजा रखा हो इनमे...तुमसे मिलने का........! तुम्हारी पलकों का उठना और फिर अदब से गिरना...दिल कि धड़कन बड़ा रहा था...! छूने   को मचल रहा था तुम्हें....मैने होंसला करके क़दम आगे बढाया....शायद गले से लगाने कि आरज़ू थी मेरी....!! उफ्फ़ ये क्या.......?? दीवार से टकरा गया था में..... सर पै चोट  के निशाँ  कुछ बयान कर रहे थे...!!

गुज़रे हुए लम्हों कि कसीस ज़िंदा कर गई थी तुम. ख़्वाबों को मचलना सिखा गई थी तुम...आँखों को तडपना बता गई थी तुम. सच कहती हो तुम. मगर ये सच हें तो सच के आईने में तुम्हारी शक्ल क्यों धुंधली है आज...!
कही अपने चेहरे पै नकाब तो नहीं रखती थी तुम..??

कल और आज के चक्रब्यूह में फंस चुका था में..दिल कल कि बात करता और दीमाग आज में आके टिका था. खुद से भी बंट गया था में... जीवन के आईने में खुद कि शक्ल भी धुंधली पड़ गई थी आज.
तुम जाते जाते कितना कुछ बता गई थी तब...!! 
हाँ शायद.....कुछ तो रहा होगा दरमियान तेरे-मेरे....जो अब तलक  ज़िंदा है दिल के किसी कोने में. दफ़न  से कुछ ख्वाब जागने लगे थे....बार बार यूँ तडपना अच्छा तो नहीं है न.....!!
उमंगें भी न कितनी जल्दी बदलने लगती है...जागी उमंगों को जागी ही रहने दो अब ..!! 

"ख़्वाबों में  सताना तो छोड़ दो अब...!  बड़ा दुखाते है ये ख्वाब !!"









मनीष मेहता !

Copyright © 2011, 
http://manishmehta.weebly.com/






6 टिप्‍पणियां:

  1. khwaabon me aana chhod do ! bahut satate hae ye khwaab .. kyaa baat hae Manish ji qamaal kaa likhte ho aap bhi.....

    Awesome !!!!!
    take care ~

    उत्तर देंहटाएं
  2. ... lafz nahi ye faqat.. ghuar koi keemti hain ye.. inhein yun hi sanjote rehna.. !! :) :) i just love reading your creations.. as they are always true, deep n vivacious.. keep writing.. n keep adorning d pages.. :) :)

    Loves & Cares
    Neha Sen
    http://safakijubaan.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  3. @बेनामी - तहे दिल से शुक्रिया ! ब्लॉग से जुडें रहिये !

    उत्तर देंहटाएं
  4. @नेहा सेन ... लिखने वाला तब ही अच्छा लिख पाता जब आप जैसे लोगों का प्यार बना रहता है ! ह्रदय प्रश्नं होता है आपके कमेंट्स पड़ के ! प्यार बनाये रखिएय ! ब्लॉग से जुडें रहिये !

    शुक्रिया !

    उत्तर देंहटाएं
  5. very nice manish...i love readin yur blogs!! d expression appears so real!! jst awesome!!

    उत्तर देंहटाएं